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विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक आकांक्षात्मक बजट:

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बजट प्रतिक्रिया : विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक आकांक्षात्मक बजट:
कनक गुप्ता निदेशक-सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल लखनऊ,1 फरवरी 2021 ।भारत की माननीय वित्त मंत्री ने श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा सन् 2021-22 का आम बजट प्रस्तुत किया गया | इस आम बजट का मुख्य आकर्षण इसका डिजिटल होना था | शायद बजट का डिजिटल होना उन लाखों शिक्षकों से ली गई प्रेरणा है, जिन्होंने ‘कोरोना’ जैसी महामारी के दौरान विद्यालयी शिक्षा को विभिन्न तकनीक एवं उपकरणों का प्रयोग करते हुए व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक बच्चे को उपलब्ध कराई | उन्होंने नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की राजधानी लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की घोषणा की। शिक्षा क्षेत्र में 15,000 नए विद्यालयों को और मज़बूत करने की बात उन्होंने की | साथ ही 100 नए सैनिक स्कूलों की भी स्थापना एवं आदिवासी क्षेत्रों में नए विद्यालय खोलने की बात कही | उच्च शिक्षा के लिए अलग से संस्था बनाने की बात शिक्षा के क्षेत्र में काफ़ी विशेष रही | मेरा मानना ​​है कि दुनिया में कहीं भी, उच्चतम स्तर पर सीखने और विकास प्रदान करने के लिए हमारे पास देश में पूरी क्षमताएँ हैं।इस बजट में जो धन खर्च हो रहा है। हमें इसकी आवश्यकता है। यहाँ तक ​​कि NEP2020 में रखी गई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता होती है। स्थिरता और विकास के लिए, आवश्यक निवेश हैं। पिछले साल, बजट ने शिक्षा क्षेत्र INR 94,850 / – करोड़ दिया था | इस वर्ष (यदि मैंने सही सुना है) INR 99,300 /-करोड़ है। महँगाई को कम करने की दिशा में हम अभी भी आवश्यक कदमों से दूर हैं | पूरे वर्ष हम इस वैश्विक महामारी से जूझे हैं और अभी भी इससे बाहर आने की दिशा में प्रयत्नशील हैं | वर्ष के प्रारंभ से ही विद्यालय पूरी तरह डिजिटल रूप से चल रहे थे | जिससे विद्यालयों को एक बड़े पैमाने पर खर्च के साथ-साथ अधिक राजस्व का नुकसान हुआ | सरकार से इस क्षेत्र में अधिक समर्थन की अपेक्षा थी | विद्यालय शुल्क का भुगतान न करने वाले कुछ लोगों ने लाखों शिक्षकों एवं विद्यालयों को अत्यधिक नुकसान पहुँचाया है | उन लोगों को यह भली-भाँति ज्ञात है कि माता-पिता द्वारा विद्यालयी शुल्क के रूप में दी गई राशि पर ही शिक्षकों की आजीविका निर्भर करती है |वैसे भी, खुशी है कि एन. ई. पी.  की स्वीकार्यता के लिए एक संकेत था। अखिल भारतीय शिक्षाविद् पैन-इंडिया ने एन. ई. पी परामर्श में सक्रिय रूप से भाग लिया है  और शायद अब इसके बारे में शिक्षकों को स्वामित्व की भावना है | मैंने अक्सर कहा था कि यह शिक्षा के लिए सकल घरेलू उत्पाद का 6% आवंटित करने के लिए एफ.एम. से एक मजबूत इच्छा और इच्छाशक्ति लेगा | इस वर्ष हम लगभग 2% पर हैं |
मुझे दृढ़ विश्वास है कि देश का भविष्य ज्ञान-विज्ञान आधारित है, प्रौद्योगिकी सक्षम है और अधिक से अधिक भाषाओं का संचार करने वाला है | अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए INR 50,000 करोड़ का आवंटन, और प्रमुख भारतीय भाषाओं में सभी दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के प्रयासों का स्वागत है। यह 100 वर्षों में सबसे अच्छा बजट होना चाहिए था । खैर, मुझे इस बारे में पता नहीं है। अधिकांश अच्छे, कुछ अपेक्षाओं में कमी, लेकिन विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक आकांक्षात्मक बजट। कुल मिलाकर, 7.5 / 10 का बजट, FM गोइंग पेपरलेस के लिए प्लस ब्राउनी पॉइंट।

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